
रत्नेश दुबे नर्मदापुरम सिटी रिपोर्टर-
मां नर्मदा की पावन नगरी नर्मदापुरम धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल सुप्रसिद्ध मंगलवारा घाट पर पितृ पक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचते हैं। लेकिन इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। घाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और साफ-सफाई के अभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को उम्मीद रहती है कि धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध इस स्थल पर उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी उनकी परेशानियां बढ़ा देती है।धार्मिक महत्व के अनुरूप सुविधाओं की दरकार पितृ पक्ष के दौरान मंगलवारा घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। कई लोग अपने परिवार के साथ लंबी दूरी तय करके यहां पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ पेयजल, नियमित साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा, बल्कि शहर की धार्मिक पहचान और छवि के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिम्मेदार अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग
मंगलवारा घाट की धार्मिक महत्ता को देखते हुए संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को यहां की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। घाट पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था करने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
नर्मदापुरम में पितृ पक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में मंगलवारा घाट पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। अब देखना यह है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
