नपा सहकारी समिति में 25 लाख से अधिक का गेहूं सड़ा, 5,700 क्विंटल खराब अनाज वेयरहाउस ने लौटाया

                          नर्मदापुरम संवाददाता 

 

समय पर भंडारण नहीं होने से लाखों का नुकसान, 567 क्विंटल स्पॉट शॉर्टेज का मामला भी सामने आया; किसानों ने कार्रवाई और मुआवजे की मांग उठाई
नर्मदापुरम-जिले में किसानों की उपज के भंडारण में कथित लापरवाही और अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। नपा सहकारी समिति में वर्ष 2026-27 के गेहूं उपार्जन के दौरान लगभग 5,700 क्विंटल गेहूं समय पर सुरक्षित वेयरहाउस में नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण वह बारिश और नमी से खराब हो गया। बताया जा रहा है कि इस खराब गेहूं की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है।जानकारी के अनुसार समिति द्वारा किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदा गया था। नियमानुसार खरीदे गए गेहूं को शीघ्र ही सरकारी वेयरहाउस में जमा कराया जाना था, लेकिन कथित तौर पर समिति स्तर पर देरी होने से गेहूं लंबे समय तक खरीदी केंद्र पर ही पड़ा रहा। बारिश और नमी के कारण अनाज खराब हो गया। बाद में जब इसे वेयरहाउस भेजा गया तो गुणवत्ता खराब होने के कारण वेयरहाउस प्रबंधन ने इसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए वापस लौटा दिया।567 क्विंटल स्पॉट शॉर्टेज ने बढ़ाए सवाल मामले में करीब 567 क्विंटल गेहूं का स्पॉट शॉर्टेज भी सामने आया है, जिससे पूरे उपार्जन कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे मामले में ब्रांच मैनेजर एवं प्रशासक धर्मेंद्र पटेल तथा समिति प्रबंधक कमलेश गोस्वामी की भूमिका संदिग्ध रही है। यह भी सवाल उठ रहा है कि पूर्व में रिकॉर्ड पर सवाल होने के बावजूद समिति प्रबंधक को उपार्जन केंद्र का प्रभार क्यों दिया गया।
किसानों को नहीं मिला भुगतान कथित तौर पर इस लापरवाही का सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि उन्हें न तो उनकी उपज का पूरा भुगतान मिला है और न ही खराब हुआ गेहूं वापस दिया गया है। किसान संगठन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और किसानों को शीघ्र भुगतान की मांग कर रहे हैं।अधिकारियों का पक्ष जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा नुकसान की राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि किसानों और किसान संगठनों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई कराई जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। यदि संबंधित अधिकारियों या समिति का विस्तृत पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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