हेलमेट-सीटबेल्ट नहीं लगाने वालों पर नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा प्रहार! 11 दिन में 1,831 चालान, 7.75 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना; 423 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन की तैयारी अभियान खत्म, लेकिन पुलिस की सख्ती रहेगी जारी; एसपी साइकृष्णा एस. थोटा ने नागरिकों से की यातायात नियमों के पालन की अपील

        नर्मदापुरम संवाददाता–

हेलमेट और सीटबेल्ट को लेकर लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नर्मदापुरम पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 28 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चले 11 दिवसीय अभियान में जिलेभर में 1,831 चालान काटे गए और 7 लाख 75 हजार 600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 423 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए प्रकरण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को भेजे गए हैं।
पुलिस अधीक्षक साइकृष्णा एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में संचालित इस अभियान में यातायात पुलिस और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस ने कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया।
बिना हेलमेट चलने वाले 1,299 चालकों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 1,299 चालकों के चालान काटे गए। वहीं, कार में सीटबेल्ट नहीं लगाने वाले 375 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 157 वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा।
अंतिम दिन भी पुलिस की सख्ती, 161 चालान
विशेष अभियान के अंतिम दिन भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही। 8 अक्टूबर को जिले में कुल 161 चालान काटकर 55,900 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 121 चालकों पर कार्रवाई करते हुए 36,300 रुपये तथा बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वाले 28 चालकों से 14,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। अन्य यातायात उल्लंघनों के 12 चालान काटकर 5,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
अंतिम दिन लाइसेंस निलंबन के लिए 50 प्रकरण RTO को भेजे गए। इनमें 48 प्रकरण पीओएस मशीन के माध्यम से और दो प्रकरण पत्र के माध्यम से प्रेषित किए गए।
91 जागरूकता कार्यक्रम, 7 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश
नर्मदापुरम पुलिस ने अभियान के दौरान कार्रवाई के साथ जनजागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया। जिले में कुल 91 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 19 कार्यक्रम स्कूलों एवं कॉलेजों में हुए, जहां 2,275 विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा की जानकारी दी गई।
इसके अलावा अन्य स्थानों पर आयोजित 72 कार्यक्रमों के माध्यम से 4,888 नागरिकों एवं लाभार्थियों को जागरूक किया गया। इस तरह अभियान के दौरान विद्यार्थियों और आम नागरिकों को हेलमेट, सीटबेल्ट तथा यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराया गया।
एसपी की दोटूक अपील—सुरक्षा आपकी, प्राथमिकता हमारी
पुलिस अधीक्षक साइकृष्णा एस. थोटा ने नागरिकों से अपील की कि हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने नागरिकों से दोपहिया वाहन चलाते समय मानक हेलमेट पहनने और कार में प्रत्येक यात्रा के दौरान सीटबेल्ट लगाने का आग्रह किया।
अभियान समाप्त, लेकिन पुलिस की नियमित चेकिंग रहेगी जारी
उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विशेष अभियान निर्धारित अवधि के साथ समाप्त हो गया है, लेकिन यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित चेकिंग और वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान की सफलता केवल चालानों की संख्या से नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी और लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव से तय होती है।
नर्मदापुरम पुलिस का संदेश स्पष्ट है—सड़क पर लापरवाही नहीं, सुरक्षा से समझौता नहीं। हेलमेट पहनें, सीटबेल्ट लगाएं और सुरक्षित घर लौटें।

 

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