नर्मदापुरम संवाददाता
नर्मदापुरम-जनपद शिक्षा केंद्र केसला के जमानी संकुल में कार्यरत जनशिक्षक श्रीमती रंजना बामने को प्रतिनियुक्ति से हटाए जाने का मामला विवादों में आ गया है। बामने ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताओ नोटिस के पद से हटा दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कलेक्टर और जिला परियोजना समन्वयक से न्याय की मांग की है।
कलेक्टर को दिए गए शिकायत पत्र में रंजना बामने ने कहा कि उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई, जबकि वर्ष 2020 में नियुक्त अन्य जनशिक्षकों की भी समय-सीमा पूरी हो चुकी है। उनका आरोप है कि कुछ जनशिक्षक वर्ष 2011 से लगातार पद पर बने हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे विभाग में पक्षपात की स्थिति स्पष्ट होती है।
शिकायत में प्रभारी बीआरसीसी श्रीमती रत्ना सोनिया पर मानसिक प्रताड़ना और पक्षपात के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। बामने का कहना है कि बैठकों में उन्हें कई बार सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया तथा पद से हटाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पथरौटा के जनशिक्षक शालीन दास और जमानी के जनशिक्षक राजकुमार बघेल के खिलाफ कई शिकायतें होने के बावजूद उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रंजना बामने ने जिला परियोजना समन्वयक से प्रतिनियुक्ति समाप्त करने संबंधी प्रतिवेदन, कलेक्टर के आदेश तथा विभागीय नोटशीट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच कर उन्हें पुनः जनशिक्षक पद पर बहाल किए जाने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में प्रभारी बीआरसीसी या शिक्षा विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
