
नर्मदापुरम संवाददाता-
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव दवंडे के खिलाफ भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से दवंडे फरार बताए जा रहे हैं। उन पर वेयरहाउस संचालकों से कथित सांठगांठ कर मूंग खरीदी और भंडारण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं करने के आरोप हैं। इस संबंध में लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं।
प्रबंधक के फरार होने के बाद वेयरहाउसों का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने लगा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए कॉरपोरेशन में क्लर्क पद पर पदस्थ भारत यादव को जिले के सभी वेयरहाउसों का प्रभार सौंपा गया है, ताकि शासकीय कार्य बाधित न हों।
हालांकि, प्रभार संभालने के साथ ही नई व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, मूंग खरीदी से जुड़े कुछ लोगों के साथ संपर्क कर पुराने तरीके से काम किए जाने की चर्चाएं हैं। आरोप है कि वेयरहाउसों की चाबियां सुबह जारी की जाती हैं, लेकिन उन्हें देर रात करीब 10 बजे तक वापस किया जाता है। चाबियों की इसी आवाजाही और देर रात तक वेयरहाउस खुलने की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और चाबियों के संचालन सहित वेयरहाउसों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि सरकारी खरीदी और भंडारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित नए आरोप “सूत्रों” और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
