भारी बारिश के बीच कायस्थ समाज ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

             नर्मदापुरम संवाददाता 

भारी बारिश के बीच कायस्थ समाज की मातृशक्ति एवं पुरुष सदस्यों ने स्थानीय देवा माई मंदिर, सदर बाजार के पास पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बारिश के बावजूद समाजजनों का उत्साह देखते ही बना। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर केशव देव वर्मा ने कहा कि पौधा लगाना केवल एक पौधे को जमीन में रोपना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प है। आज लगाए गए पौधे भविष्य में वृक्ष बनकर समाज को छाया, शुद्ध हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, ज्योति वर्मा, बैंक सेवानिवृत्त विजय वर्मा, ईरा वर्मा, ममता तिवारी, सीबी खरे, प्रीति खरे, केशव देव वर्मा, सुमन वर्मा, शुभम गुप्ता, राधा गुप्ता, सुनील राय, ऋषिकुमार श्रीवास्तव, रितु श्रीवास्तव, मनोज वर्मा, गुड्डू वर्मा, सुनीता श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है पौधरोपण समाजसेवी सुनील राय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच पौधरोपण प्रकृति का संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। समाज के सभी वर्गों को पर्यावरण संरक्षण के ऐसे अभियानों में आगे बढ़कर भागीदारी करनी चाहिए।समाजसेवी राधा गुप्ता ने भी पौधरोपण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।कायस्थ समाज के सदस्यों ने कहा कि पौधरोपण अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, ताकि क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में स्थायी योगदान दिया जा सके।

Spread the love