कायस्थ समाज की मातृशक्ति ने निकाली भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा; राज्यसभा सांसद माया नरेलिया हुईं शामिल

न्याय के देवता एवं कायस्थ समाज के आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज का जन्मोत्सव शहर में हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही “जय चित्रगुप्त” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। कार्यक्रम की शुरुआत चित्रगुप्त घाट पर सुबह 9 बजे विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ हुई, जहां विद्वान पंडितों के सानिध्य में अभिषेक एवं षोडशोपचार पूजा संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने आरती कर विश्व कल्याण की कामना की।
दोपहर 4 बजे कोरीघाट स्थित मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व मातृशक्ति ने किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने केसरिया ध्वज थामे भक्ति और उत्साह का अद्भुत प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा शहर उत्सवमय नजर आया।
शोभायात्रा में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नरेलिया भी शामिल हुईं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और ज्ञान के प्रतीक हैं तथा कायस्थ समाज सदैव अपनी बुद्धिमत्ता और सेवा भाव के लिए जाना जाता है। उन्होंने मातृशक्ति के इस आयोजन को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।नगर भ्रमण के दौरान शोभायात्रा एकता चौक, मोर्चरी चौक, सराफा चौक, सुभाष चौक और होली चौक से होकर गुजरी। विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मोर्चरी चौक पर सोनी परिवार द्वारा शरबत एवं सराफा चौक पर ब्राह्मण समाज द्वारा आम रस का वितरण किया गया।अंत में शोभायात्रा पुनः चित्रगुप्त घाट पहुंची, जहां भव्य महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।

 

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