रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले FIR! खेल सामग्री खरीदी घोटाले में प्राचार्य समेत चार पर गबन और धोखाधड़ी का केस

शासकीय गृह विज्ञान महाविद्यालय में खेल सामग्री खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला उस समय सुर्खियों में आ गया, जब सेवानिवृत्ति से महज एक दिन पहले महाविद्यालय की प्राचार्य समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। 29 जून को दर्ज हुए इस मामले के अगले ही दिन, 30 जून को प्राचार्य सेवानिवृत्त हो गईं। इस घटनाक्रम ने पूरे शिक्षा महकमे में हलचल मचा दी है।
तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी सरिता मालवीय की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 624/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) एवं 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में तत्कालीन प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन, तत्कालीन भंडार शाखा प्रभारी, तत्कालीन लेखा शाखा प्रभारी/लेखापाल तथा भोपाल की मेसर्स वैष्णवी इंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर शामिल हैं।
आरोप है कि खेल सामग्री खरीदी में नियमों की अनदेखी कर शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है।
इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यदि किसी शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित रहती है या गंभीर कदाचार सिद्ध होता है, तो प्रचलित सेवा नियमों के अनुसार पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में अंतिम निर्णय विभागीय जांच और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद ही होगा।
रिटायरमेंट से ठीक पहले दर्ज हुई एफआईआर ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है। अब निगाहें पुलिस विवेचना और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोष तय होने पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

Spread the love