
तेंदूखेड़ा। उपवन मंडल के अंतर्गत आने वाले तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई का सिलसिला लगातार जारी है। वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ताजा मामला पूरा नगर से लगभग 7 किलोमीटर दूर दमोह मार्ग स्थित पाँजी वन चौकी क्षेत्र से सामने आया है, जहां बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ों को काटकर तस्कर मौके से फरार हो गए। इस घटना ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार पाँजी चौकी क्षेत्र में करीब 40 से 50 सागौन के पेड़ों के ठूंठ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन पेड़ों को तैयार होने में लगभग 10 वर्ष का समय लगा होगा। अवैध कटाई से न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।ग्रामीणों का आरोप है कि वन माफिया रात के अंधेरे में सक्रिय होकर लगातार जंगलों में कटाई कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अमला कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। इससे पहले भी करमाली क्षेत्र के जंगलों में अवैध कटाई के मामले सामने आ चुके हैं, जहां बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई कर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया गया था। बावजूद इसके विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।हैरानी की बात यह है कि वन चौकी के पीछे इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हो गई, लेकिन वन अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे विभाग और वन माफियाओं की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही वन क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने, जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और अवैध कटाई पर रोक लगाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने की आवश्यकता बताई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के जंगल तेजी से उजड़ते चले जाएंगे, जिसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।वन परिक्षेत्र अधिकारी तेजगढ़ नीरज पांडे ने कहा कि वन अमला लगातार जंगलों की निगरानी और सुरक्षा में लगा हुआ है। इसके बावजूद यदि कहीं अवैध कटाई हुई है तो मौके का निरीक्षण किया जाएगा तथा ड्यूटीरत कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।वहीं दमोह वन मंडल अधिकारी ईश्वर जलान्डे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और वे इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि वे तेजगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी से पूरे मामले को लेकर चर्चा करेंगे।
