वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में खुशखबरी: बाघिन ‘मस्तानी’ ने दिए 4 शावकों को जन्म, बाघों की संख्या 30 के पार

दमोह/नरसिंहपुर 

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। रिजर्व में एक वर्ष पूर्व पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन एन-6 ‘मस्तानी’ ने 4 शावकों को जन्म दिया है। गश्ती दल द्वारा सोमवार सुबह एक गुफा के पास बाघिन के साथ चारों शावकों को देखा गया, जिसे कैमरे में कैद किया गया।
वन विभाग के अनुसार बाघिन और सभी शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। सुरक्षा कारणों से उनकी लोकेशन और तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। शावकों की निगरानी के लिए क्षेत्र में ट्रैकर कैमरे लगाए गए हैं और विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।चार नए शावकों के जन्म के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 30 के पार पहुंच गई है, जिससे वन अमले में खुशी का माहौल है।रिजर्व में पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019 में बाघिन ‘राधा’ (एन-1) ने पहली बार 3 शावकों को जन्म दिया था, जिसके बाद से वंशवृद्धि का सिलसिला जारी है। वर्तमान में यहां लगभग 65 प्रतिशत बाघिनें हैं, जो प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति को दर्शाता है।वन विभाग द्वारा बाघों और शावकों की सुरक्षा के लिए करीब 150 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी छह रेंज में बाघों की सक्रिय मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं और पूरे क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है।लगभग 2339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस टाइगर रिजर्व में 1414 वर्ग किलोमीटर को कोर एरिया घोषित किया गया है। अनुकूल आवास, पर्याप्त जल स्रोत और शिकार की उपलब्धता के कारण यहां बाघों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले 5 वर्षों में यह संख्या 50 तक पहुंच सकती है।टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रजनीश सिंह ने बताया कि
“पेंच से लाई गई बाघिन ने पहली बार शावकों को जन्म दिया है। रिजर्व में बाघों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, यही वंशवृद्धि का मुख्य कारण है। बाघिन और शावकों की सुरक्षा व निगरानी बढ़ा दी गई है।

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