नगर पालिका की निरंकुश कार्यशैली के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत; सौंदर्यीकरण के नाम पर फिजूलखर्ची और वेतन में देरी का आरोप

नर्मदापुरम–  नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर शहर में जन-असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ अब विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। इसी कड़ी में नगरपालिका कर्मचारी मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं मनोनीत पार्षद राजेश अत्रे ने आज जिला कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपकर नगर पालिका की निरंकुश कार्यशैली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। अपनी इस शिकायत में उन्होंने आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में हो रही देरी का गंभीर मुद्दा उठाया है।सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों की फिजूलखर्ची, बुनियादी सुविधाएं ठप कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत में राजेश अत्रे ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि नगर पालिका परिषद द्वारा शहर की वास्तविक और जरूरी समस्याओं को हल करने के बजाय ‘सौंदर्यीकरण’ के नाम पर लाखों रुपयों की फिजूलखर्ची और दिखावटी कार्य किए जा रहे हैं। इससे आम जनता और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। शिकायत पत्र में शहर की बदहाल स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि चरमराई स्वच्छता शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। ठप पड़ी व्यवस्थाएं पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी जरूरी सेवाएं अत्यंत खराब स्थिति में हैं। अतिक्रमण का बोलबाला मुख्य मार्गों और बाजारों में अतिक्रमण के कारण लगातार जाम लग रहा है, जिससे आम जनता को रोज परेशान होना पड़ रहा है। नगर पालिका का प्रथम दायित्व नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है। जब तक सफाई, पानी, सड़क, और वेतन भुगतान जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं नियमित नहीं हो जातीं, तब तक सौंदर्यीकरण पर खर्च करना जनहित के पूरी तरह विपरीत है।” राजेश अत्रे, पूर्व अध्यक्ष व मनोनीत पार्षद आउटसोर्स और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का आर्थिक शोषण मूलभूत सुविधाओं के अलावा, शिकायत में नगर पालिका में कार्यरत जमीनी कर्मचारियों की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई गई है। शिकायत के अनुसार, नगर पालिका में काम करने वाले आउटसोर्स और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मचारी भारी आर्थिक तंगहाली के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, लेकिन समय पर पारिश्रमिक न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजेश अत्रे ने कलेक्टर से मांग की है कि वे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को तत्काल कड़े निर्देश जारी करें। शिकायत में मुख्य रूप से इन मांगों पर कार्रवाई की बात कही गई है: स्वच्छता, पेयजल, सड़क, नाली और अतिक्रमण हटाने जैसे प्राथमिक कार्यों में तत्काल सुधार के लिए उचित कार्रवाई की जाए। आउटसोर्स और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। नगर पालिका नर्मदापुरम में सौंदर्यीकरण के नाम पर हो रही अनावश्यक फिजूलखर्ची पर तुरंत रोक लगाई जाए। प्रशासनिक रुख पर नजर कलेक्टर कार्यालय द्वारा इस शिकायत पत्र (आवक क्रमांक/पावती दिनांक 29/05/26) को प्राप्त कर लिया गया है। अब देखना यह होगा कि इस शिकायत के बाद जिला प्रशासन नगर पालिका की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए क्या कड़े कदम उठाता है।

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