
नर्मदापुरम सवाददाता
नर्मदापुरम/सीहोर। देलावाड़ी वन परिक्षेत्र की टीम ने सागौन की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों को जब्त किया है। आरोपियों ने वन विभाग और पुलिस को चकमा देने के लिए एक वाहन पर RTO (परिवहन विभाग) की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। हालांकि वन विभाग की सतर्कता के चलते उनका यह प्रयास विफल हो गया।वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रशांत खरे के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में एक बोलेरो और एक कार से 19 नग सागौन की सिल्लियां, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद की गईं। मौके से चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पद्मश्री डॉ. वी.एस. वाकणकर रातापानी टाइगर रिजर्व के देलावाड़ी वन परिक्षेत्र के आमडो क्षेत्र में की गई। वन विभाग की टीम को दो संदिग्ध वाहनों की सूचना मिली थी। घेराबंदी कर वाहनों को रोका गया तो एक वाहन पर RTO की प्लेट लगी मिली। जांच में पता चला कि प्लेट का उपयोग चेकिंग से बचने और अवैध सागौन परिवहन के लिए किया जा रहा था।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश बारेला (सुरई ढाबा), अर्पित यादव, नीलेश यादव और सोहेल शेख (तीनों निवासी मालाखेड़ी, नर्मदापुरम) के रूप में हुई है।वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रशांत खरे ने बताया कि जब्त वाहन नर्मदापुरम (होशंगाबाद) पासिंग का है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वन एवं पुलिस की जांच से बचने के उद्देश्य से वाहन पर RTO की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
