राष्ट्रपति पदक विजेता जांबाज प्रधान आरक्षक महेंद्र टेकाम का निधन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

जिला पुलिस बल के जांबाज प्रधान आरक्षक महेंद्र टेकाम का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। श्री टेकाम रक्षित केंद्र नर्मदापुरम में पदस्थ थे और पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार नागपुर और हैदराबाद के विशेषज्ञ अस्पतालों में चल रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।प्रधान आरक्षक महेंद्र टेकाम अपनी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के लिए पूरे विभाग में सम्मानित थे। उन्होंने अपने सेवा काल में कई साहसिक कार्य किए, जिसके लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुरस्कार (जीवन रक्षक पदक)’ से सम्मानित किया गया था। इस सम्मान के साथ उन्हें एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई थी। उनका नाम पुलिस विभाग के बहादुर और समर्पित जवानों में लिया जाता था।उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुलिस विभाग द्वारा उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। राजघाट पर पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पुत्री ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन सहित कई पुलिस अधिकारी, सहकर्मी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।महेंद्र टेकाम अपने पीछे दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका निधन न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

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