
अखिल भारतीय कायस्थ समाज की मातृशक्ति एवं पुरुष सदस्यों ने रविवार को सेठानी घाट स्थित चित्रगुप्त घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान घाट परिसर में बिखरे फूल-मालाओं, पूजन सामग्री एवं अन्य कचरे को एकत्रित कर डस्टबिन में डाला गया। इस पहल के माध्यम से समाज के सदस्यों ने धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा, अशोक वर्मा, सीबी खरे, मनोज वर्मा, सुनील राय, सुमन वर्मा, प्रीती खरे, मंजू वर्मा, प्रिया श्रीवास्तव, ममता तिवारी, अदिति, लालता प्रसाद, ईरा वर्मा, ज्योति वर्मा, जानकी, रितु श्रीवास्तव और ऋषिकेश श्रीवास्तव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
विसर्जन के बाद घाटों पर फैलती है गंदगी
प्रोफेसर ईरा वर्मा ने कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों के बाद देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सेठानी घाट, कोरी घाट सहित अन्य विसर्जन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विसर्जन के बाद कई लोग फूल-मालाएं और अन्य पूजन सामग्री घाट पर ही छोड़ जाते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। इसी समस्या को देखते हुए कायस्थ समाज ने पहल करते हुए चित्रगुप्त घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया।
मातृशक्ति ने की सहभागिता की अपील
मातृशक्ति अध्यक्ष ज्योति वर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी दैनिक आदत बननी चाहिए। मातृशक्ति समाज में जागरूकता लाने और स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे तथा अधिक से अधिक लोग ऐसे सामाजिक कार्यों में सहभागिता करें।
घाटों की स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी
सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा ने कहा कि नर्मदा घाट हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। इनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। धार्मिक आयोजनों के बाद फूल-मालाएं और पूजन सामग्री घाट पर नहीं छोड़नी चाहिए, बल्कि उन्हें निर्धारित स्थान या डस्टबिन में डालना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी स्वच्छ और सुंदर घाट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
