नपा के ‘पीले पंजे’ पर दोहरे मापदंड के आरोप, गरीबों के ठेले हटे, शाम को अवैध चौपाटी आबाद कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय मार्ग पर शाम ढलते ही लगते हैं ठेले, हफ्ता वसूली के आरोप

[नर्मदापुरम संवाददाता]

नगर पालिका के अतिक्रमण रोधी अभियान की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार को उद्योग विभाग से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्ट्रेट रोड तक चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि दिन में गरीब फल और कचौड़ी विक्रेताओं के ठेले हटाए जाते हैं, जबकि शाम होते ही उसी मार्ग पर कई बड़े खान-पान और कोल्ड ड्रिंक के ठेले दोबारा लग जाते हैं।स्थानीय नागरिकों का दावा है कि सुबह से दोपहर तक सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों पर सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन शाम के बाद कथित रूप से कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध ठेले संचालित होते हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि इन ठेलों से नियमित रूप से अवैध वसूली की जाती है, जिसके कारण कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित रह जाती है।उद्योग विभाग और एसपी कार्यालय के सामने शाम के समय बड़ी संख्या में ठेले लगने से यातायात प्रभावित होता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक भीड़ और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण महिलाओं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा जाम की स्थिति बनी रहती है।नेहरू पार्क के पास भी अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि पहले जिस पक्के अवैध निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त किया था, वह दोबारा खड़ा हो गया है। वहीं छोटे व्यवसायियों को हटाने के बावजूद रात तक संचालित होने वाले अवैध ठेलों पर कार्रवाई नहीं हो रही।स्थानीय लोगों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा यदि अवैध वसूली या मिलीभगत के आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
(नोट: समाचार में उल्लिखित हफ्ता वसूली और मिलीभगत संबंधी आरोप स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

 

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