
नर्मदापुरम संवाददाता
जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर अधिवक्ता समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया।
अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे के अलावा अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह राजपूत, मनोज जराठे, रामकुमार गुबरेले एवं अजय श्रीवास्तव भी मैदान में थे। नाम वापसी के दौरान इन सभी प्रत्याशियों ने राजीव कुमार दुबे से आग्रह किया कि वे अपनी दावेदारी वापस लेकर अधिवक्ता संघ में सौहार्द और एकता बनाए रखने में सहयोग करें। इस आग्रह को स्वीकार करते हुए राजीव कुमार दुबे ने स्वेच्छा से अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी।इस अवसर पर राजीव कुमार दुबे ने कहा कि अधिवक्ता संघ की गरिमा, एकता और हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि समाज और संगठन की सेवा करने के लिए किसी पद पर होना आवश्यक नहीं है। एक अधिवक्ता के रूप में भी संगठन और साथियों के हित में पूरी निष्ठा से कार्य किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से आपसी भाईचारा, सहयोग और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखने की अपील की।राजीव कुमार दुबे के इस निर्णय की अधिवक्ता समुदाय ने खुले दिल से सराहना की। उपस्थित अधिवक्ताओं ने इसे संगठनात्मक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर संगठन के हित को प्राथमिकता देना अनुकरणीय उदाहरण है।नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद जिला अधिवक्ता संघ के चुनावी समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिला है। अब सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया और अध्यक्ष पद के अंतिम मुकाबले पर टिकी हैं। राजीव कुमार दुबे के इस निर्णय को अधिवक्ता संघ में सौहार्द, संवाद और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
