नर्मदापुरम पुलिस की सघन कार्रवाई, चार दिनों में 707 चालान

नर्मदापुरम संवाददाता–

सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को कम करने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नर्मदापुरम पुलिस द्वारा 28 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक 10 दिवसीय हेलमेट एवं सीटबेल्ट अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रवर्तन कार्रवाई के साथ स्कूल-कॉलेजों सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं चौथे दिन की कार्रवाई में 205 चालान 01 अक्टूबर को अभियान के चौथे दिन जिलेभर में हेलमेट एवं सीटबेल्ट की सघन जांच की गई। हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध 167 चालान कर ₹50,100 समन शुल्क तथा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध 38 चालान कर ₹19,000 समन शुल्क अधिरोपित किया गया। इस प्रकार हेलमेट एवं सीटबेल्ट संबंधी कार्रवाई में चौथे दिन कुल 205 चालान एवं ₹69,100 समन शुल्क की कार्रवाई हुई। लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई के लिए 43 प्रकरण आरटीओ को भेजे गए, जिनमें 33 प्रकरण पीओएस मशीन के माध्यम से तथा 10 प्रकरण पत्र के माध्यम से भेजे गए।
इसके अतिरिक्त मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत चौथे दिन 226 चालान कर ₹76,700 समन शुल्क की कार्रवाई की गई। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी संदेश अभियान के चौथे दिन कुल 12 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 08 स्कूल एवं कॉलेजों में 1,030 विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा की जानकारी दी गई। वहीं अन्य स्थानों पर 04 कार्यक्रमों के माध्यम से 290 प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।चार दिनों में 707 चालान, ₹2.41 लाख से अधिक समन शुल्क 28 सितंबर से 01 अक्टूबर तक अभियान के प्रथम चार दिनों में हेलमेट एवं सीटबेल्ट संबंधी कार्रवाई में—
707 चालान₹2,41,300 समन शुल्क
195 लाइसेंस निलंबन प्रकरण आरटीओ को प्रेषित
किए गए हैं। शेष प्रकरणों को भी आरटीओ को भेजने की कार्रवाई जारी है।इन चार दिनों में जागरूकता अभियान के तहत कुल 44 कार्यक्रम आयोजित किए गए। 24 स्कूल-कॉलेजों में 2,255 विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। इसके अलावा अन्य स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से 1,690 प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
नर्मदापुरम पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हेलमेट और सीटबेल्ट को चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का कवच समझें। स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।
“सड़क पर सावधानी, जीवन की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी।”
नर्मदापुरम पुलिस

 

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