स्थानीय शासकीय कन्या स्नातक महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। 25 अप्रैल को आयोजित बी.कॉम द्वितीय वर्ष की आधार पाठ्यक्रम परीक्षा में एक छात्रा को गलत तारीख का प्रश्न-पत्र थमा दिया गया, जिसके चलते परीक्षा केंद्र पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्ष क्रमांक-1 में परीक्षा दे रही छात्रा साक्षी परिहार को 25 अप्रैल की जगह 24 अप्रैल का प्रश्न-पत्र दे दिया गया। प्रश्न-पत्र पढ़ने के दौरान छात्रा को गलती का अहसास हुआ और उसने सुबह करीब 10:30 बजे पर्यवेक्षकों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आनन-फानन में छात्रा को सही प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया गया।हालांकि, इस दौरान हुई देरी के कारण छात्रा की परीक्षा निर्धारित समय 11:00 बजे के बजाय दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की गई, जो विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत माना जा रहा है। इस घटना ने न केवल परीक्षा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि गोपनीयता और प्रश्न-पत्र वितरण व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं—क्या प्रश्न-पत्र वितरण से पहले सही मिलान नहीं किया गया? क्या एक छात्रा के लिए परीक्षा समय बढ़ाना नियमों के अंतर्गत आता है? परीक्षा के बीच हुई इस गड़बड़ी से छात्रा को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा, जिसकी जिम्मेदारी किसकी है?फिलहाल इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। वहीं छात्रा और उसके परिजनों में इस लापरवाही को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
इनका कहना है
कॉलेज के प्राचार्य आर.एस. मेहरा ने कहा कि “छात्रा को सही प्रश्न-पत्र दिया गया था। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, फिर भी जानकारी लेकर दिखवाता हूं।”
