(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों ट्रेडिंग और डिजिटल निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। 30 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये निवेश कराए गए, लेकिन अब न तो पैसा मिल रहा है और न ही कंपनी की कोई स्पष्ट जानकारी सामने आ रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेजर NFT नामक कंपनी स्वयं को एक AI एल्गोरिदम ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताकर निवेशकों को आकर्षित कर रही थी। निवेश का माध्यम USDT (डॉलर आधारित क्रिप्टो करेंसी) था। इसमें नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर टीम बनाने पर अतिरिक्त लाभ और लेवल बढ़ने का लालच दिया जाता था।करीब तीन वर्षों तक यह कंपनी कुछ निवेशकों को मुनाफा देती रही, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़ी राशि निवेश कर दी। बाद में कंपनी ने अचानक काम रोक दिया और निवेशकों का फंड फ्रीज कर दिया। इसके बाद कंपनी का नाम बदलकर पहले ट्रेजर फन और फिर नोवा NFT कर दिया गया।निकासी के नाम पर फिर ठगीकंपनी द्वारा निवेशकों से फंड निकालने के लिए 60 डॉलर (लगभग 5 हजार रुपये) अतिरिक्त जमा कराने को कहा गया, लेकिन इसके बावजूद बीते सात महीनों से किसी भी निवेशक को एक रुपया भी वापस नहीं मिला। 5 दिसंबर से विड्रॉल शुरू होने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक कोई अपडेट नहीं है।इस पूरे मामले में निवेशकों को लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।ट्रेडिंग के नाम पर युवक से 6.93 लाख की ठगीइसी तरह ग्राम चांदोन निवासी एक युवक से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 20 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर 6 लाख 93 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। शुरुआत में थोड़ी रकम का फायदा दिखाया गया, लेकिन जब युवक ने एकमुश्त राशि निवेश की तो उसका अकाउंट शून्य हो गया।स्थानीय स्तर पर नेटवर्क के जरिए निवेशपिपरिया में सिंचाई विभाग में पदस्थ सुनील साहू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रदीप श्रीवास्तव पर लोगों को ट्रेडिंग कंपनी से जोड़कर लाखों रुपये निवेश कराने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि 20 हजार लगाने पर 40 हजार मिलने का भरोसा दिलाकर कई लोगों से पैसा लगवाया गया।हालांकि, अधिकांश पीड़ित अब तक सामने नहीं आए हैं। यदि मामले की गहन जांच की जाए तो करोड़ों रुपये के फ्रॉड का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।सावधान रहने की अपीलविशेषज्ञों का कहना है कि असामान्य और तय रिटर्न का वादा करने वाली योजनाएं अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होती हैं। नागरिकों से अपील है कि बिना जांच-पड़ताल किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग या क्रिप्टो निवेश योजना में पैसा न लगाएं और संदेह होने पर तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।

