गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जहां शहरभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल नजर आया, वहीं नर्मदापुरम के गुप्ता ग्राउंड में अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रतिमा लेने पहुंचे श्रद्धालुओं को अंधेरे और अव्यवस्था के बीच काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि शाम होते ही गुप्ता ग्राउंड का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मैदान पहुंचे, लेकिन पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नजर नहीं आई। अंधेरे के कारण लोगों को प्रतिमाओं को देखने, उठाने और सुरक्षित तरीके से बाहर ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।गणेश उत्सव जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए श्रद्धालुओं को उम्मीद थी कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा मैदान में प्रकाश, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। लेकिन मौके पर व्यवस्थाओं की कमी ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।श्रद्धालुओं का सवाल—जब भीड़ की जानकारी थी तो व्यवस्था क्यों नहीं?गुप्ता ग्राउंड में प्रतिमा लेने आने वाले श्रद्धालुओं का कहना रहा कि गणेश चतुर्थी पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचने वाले थे। इसके बावजूद समय रहते पर्याप्त रोशनी और जरूरी व्यवस्थाएं नहीं की गईं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या नगरपालिका प्रशासन को पहले से इस भीड़ की जानकारी नहीं थी?अंधेरे में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने मांग की कि धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर के प्रमुख स्थानों पर प्रशासन द्वारा पहले से ही पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि आस्था के पर्व पर लोगों को अव्यवस्थाओं से जूझना न पड़े।अब सवाल यह है कि गणेश उत्सव जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर गुप्ता ग्राउंड की व्यवस्थाओं को लेकर नगरपालिका प्रशासन ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की? श्रद्धालुओं की परेशानी के बाद जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था पर क्या कार्रवाई करते हैं, यह देखने वाली बात होगी।

