ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने की थी आत्महत्या, महिला गिरफ्तार; अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज

नर्मदापुरम मैहर – तीन माह पूर्व ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले हार्डवेयर व्यवसायी देवेश सिंह मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि सुसाइड नोट में नामजद अन्य आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को मैहर स्थित हरनामपुर रोड पर अपनी हार्डवेयर दुकान में देवेश सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें एक महिला सहित कई लोगों के नाम लिखे हुए थे। मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि नमामि दीक्षित, संतोष कुमार दीक्षित, तिलक दीक्षित, महिमा दीक्षित, स्वप्निल सेठी, रोहित पवार, कीर्ति मंडल तथा नीलम प्रताप सिंह (सरपंच, हरदासपुर) द्वारा देवेश सिंह को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।परिजनों के अनुसार फॉरेंसिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को नमामि दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि वह पुणे में एक निजी वित्तीय कंपनी में प्रबंधकीय पद पर कार्यरत थी। परिजनों का कहना है कि नमामि दीक्षित कई बार मैहर आई थी और मृतक को ब्लैकमेल करती थी। पुलिस को रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।मृतक के भाई का आरोप है कि सुसाइड नोट में संतोष कुमार दीक्षित, तिलक दीक्षित और महिमा दीक्षित के नाम भी दर्ज हैं, लेकिन उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।बताया जा रहा है कि आत्महत्या की घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों में भी सामने आए हैं। मामले को लेकर परिजनों में आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है
“मामला मैहर का है। इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। विस्तृत जानकारी मैहर पुलिस से ही प्राप्त की जा सकती है।”
— सौरव पांडे, थाना प्रभारी, देहात नर्मदापुरम।

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