नर्मदापुरम में सनसनी: युवती ने महिला वकील पर लगाए गंभीर आरोप, धर्म परिवर्तन और समलैंगिक लिव-इन के लिए दबाव बनाने का दावा

          नर्मदापुरम –

शहर में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवती ने खुद को वकील बताने वाली महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि उसे कथित तौर पर समलैंगिक (लेस्बियन) लिव-इन रिलेशनशिप में रहने, धर्म परिवर्तन करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का दबाव बनाया गया। मामले में पीड़िता के पिता ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
पीड़िता के पिता सतीश वर्मा, निवासी संजय नगर, ग्वालटोली, नर्मदापुरम द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, आरोपी महिला ने शुरुआत में अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर स्वयं को “रिया उपाध्याय” बताया और नर्मदापुरम कोर्ट में वकालत करने का दावा किया। कानूनी सहायता और भरोसे का वातावरण बनाकर उसने परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित किए और कुछ समय तक उनके घर में भी रही।
प्रेम जाल में फंसाने और शादी का दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता भूमिका वर्मा का आरोप है कि आरोपी महिला ने उसे अपने प्रभाव में लेकर समलैंगिक संबंध बनाने और इंदौर जाकर साथ रहने तथा शादी करने के लिए दबाव डाला। युवती का कहना है कि प्रारंभ में वह उसके प्रभाव में आ गई थी, लेकिन बाद में उसने इससे दूरी बनाने का निर्णय लिया।
मस्जिदों और मजारों पर ले जाने का दावा
युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे विभिन्न मस्जिदों और मजारों पर लेकर जाती थी तथा लगातार उसके विचारों को प्रभावित करने का प्रयास करती थी। पीड़िता का कहना है कि इस दौरान उसे मानसिक रूप से इतना प्रभावित किया गया कि वह सही और गलत का निर्णय लेने में असमर्थ महसूस करने लगी थी।
धर्म परिवर्तन का दबाव और धमकियां
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी महिला से दूरी बनानी शुरू की तो उस पर कथित रूप से मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर पुलिस में झूठे प्रकरण दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकियां दी गईं। युवती ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में एक अन्य स्थानीय वकील भी आरोपी महिला का सहयोग कर रहा था।
संदिग्ध गतिविधियों पर भी उठाए सवाल
पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपी महिला ने बाद में संजय नगर क्षेत्र में किराए का मकान लिया, जहां कई अज्ञात लोगों का आना-जाना लगा रहता था। परिवार ने आशंका जताई है कि शहर की अन्य युवतियों और महिलाओं को भी इसी प्रकार प्रभावित करने का प्रयास किया गया हो सकता है।
सिटी थाने में दर्ज है मामला
परिवार के अनुसार, पूरे घटनाक्रम को लेकर सिटी थाना नर्मदापुरम में शिकायत और एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्हें अभी तक अपेक्षित सहयोग और समाधान नहीं मिला है, जिसके चलते उन्होंने हिंदू संगठनों से मदद की गुहार लगाई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को सौंपे गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
नोट: समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ता और पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी शेष है। आरोपी पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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