शहर भर में बसंत पंचमी की उल्लासपूर्ण धूम स्कूलों, मंदिरों व कार्यालयों में गूंजे सरस्वती वंदना के स्वर, कलमकारों ने दी पुष्पांजलि वाणी, विद्या और ज्ञान की देवी से की प्रार्थना

                  (प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)

विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के प्रकटोत्सव बसंत पंचमी का पर्व शहर भर में श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिरों, स्कूलों, कार्यालयों और संस्थानों में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। हर ओर पीत वस्त्रों की आभा, सरस्वती वंदना और भक्ति भाव से वातावरण भक्तिमय हो उठा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शिव योग और महा सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बने, जिससे पर्व का महत्व और भी बढ़ गया। इसी शुभ घड़ी में माँ सरस्वती के जन्मोत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।शहर के स्कूलों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां विद्यार्थियों ने वंदना, गीत, नृत्य और भाषणों के माध्यम से ज्ञान की देवी को नमन किया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने माँ से विद्या और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा।कलमकारों ने की माँ सरस्वती की आराधनाबसंत पंचमी पर कलमकारों ने भी माँ सरस्वती की विशेष पूजा कर पुष्पांजलि अर्पित की। शहर के पत्रकार भवन में नर्मदा अंचल पत्रकार संघ के पदाधिकारियों, पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरण किया।इसके साथ ही आरसीसी मॉल, चौहान निवास सहित शहर के अनेक स्थानों पर माँ सरस्वती की आराधना की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।बसंत पंचमी का यह पर्व नर्मदापुरम में ज्ञान, संस्कार और संस्कृति के उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया।

 

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