
सिवनी मालवा (पवन जाट)
सिवनी मालवा के ग्राम चतरखेड़ा में बीते दिनों एक दर्दनाक घटना ने पूरे गाँव को झकझोर दिया। किसान संग्राम सिंह की लगभग चार एकड़ गेहूं की फसल आगजनी की वजह से पूरी तरह जलकर राख हो गई। मेहनत की पसीने से सींची फसल कुछ ही मिनटों में नष्ट हो जाने से किसान पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जहां एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा मिलने वाले मुआवज़े का भरोसा कब पूरा होगा, यह कहना मुश्किल है और मिलता भी है तो नाममात्र का—ऐसे समय में गाँव के लोगों ने आगे बढ़कर मानवता और एकता की अद्भुत मिसाल पेश की।ग्रामीणों ने बिना देर किए संग्राम सिंह के परिवार को सहारा दिया और सहयोग अभियान शुरू किया। पूरे गाँव ने मिलकर अभी तक 35 से 40 क्विंटल गेहूं एकत्रित किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि मुश्किल समय में गाँव की ताकत किसी बड़ी व्यवस्था से कम नहीं होती। लोगों का यह प्रयास न केवल आर्थिक सहयोग है बल्कि किसान को मानसिक संबल भी है कि वह अकेला नहीं है।चतरखेड़ा के ग्रामीणों का यह कदम समाज में एक प्रेरणा है—जब भी कोई संकट आए, तो साथ खड़े होने का भाव ही असली शक्ति है। ग्रामवासियों की यह नेक पहल निस्संदेह सराहनीय और अनुकरणीय है।
