
(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
कहते हैं संकट की घड़ी में जो साथ खड़ा हो, वही सच्चा इंसान और ईश्वर का रूप होता है। मालाखेड़ी स्थित रिवर व्यू कल्चर फाउंडेशन सोसायटी के रहवासियों ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। यहां तैनात एक बुजुर्ग सुरक्षाकर्मी के जीवन पर जब संकट आया, तो पूरी कॉलोनी मानवता की मिसाल बनकर उनके साथ खड़ी हो गई।
बाबई रोड निवासी 62 वर्षीय सुरक्षाकर्मी श्री बाबूलाल बोरासी अत्यधिक काम, ठंड और अस्वस्थता के चलते अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। उन्हें माइनर हार्ट अटैक आया और शुगर लेवल बढ़ने से वे सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। फरिश्ता बनकर पहुंचे योगेश पवार इस आपात स्थिति में कॉलोनी निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता योगेश पवार तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए बुजुर्ग को संभाला और ऑटो की मदद से मालाखेड़ी रोड स्थित जयश्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया। फिलहाल बाबूलाल आईसीयू में इलाजरत हैं और जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।एक संदेश और उमड़ पड़ा जन-सहयोगघटना की जानकारी जैसे ही नवनिर्मित रिवर व्यू वेलफेयर सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की गई, पूरी कॉलोनी एकजुट हो गई। मानवता को सर्वोपरि रखते हुए समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आपसी मतभेद भुलाकर तत्काल आर्थिक सहयोग जुटाना शुरू किया।कुछ ही समय में इलाज के लिए पर्याप्त राशि एकत्रित कर ली गई, जिससे बुजुर्ग गार्ड का उपचार बिना रुकावट शुरू हो सका।अध्यक्ष प्रीती खरे ने अस्पताल पहुंचकर जाना हालरिवर व्यू कल्चर फाउंडेशन सोसायटी की अध्यक्ष प्रीती खरे स्वयं अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बाबूलाल बोरासी का हाल-चाल जाना और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इस दौरान पूर्णिमा त्रिपाठी सहित अन्य पदाधिकारी और कॉलोनीवासी भी सहयोग के लिए आगे आए।शोषण के खिलाफ भी उठी आवाजइस घटना के बाद सोसायटी के रहवासियों ने बुजुर्ग सुरक्षाकर्मी के साथ वर्षों से हो रहे शोषण और अत्यधिक कार्यभार पर भी सवाल उठाए हैं। समिति ने साफ कहा कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।रिवर व्यू कल्चर फाउंडेशन सोसायटी का यह कदम न सिर्फ मानवता की मिसाल है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि संगठित होकर किसी की जान बचाई जा सकती है।
