आंचलखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में ‘कुर्सी’ की रार, आदेश के बाद भी लेखापाल का प्रभार सौंपने से एमपीडब्ल्यू का इनकार बीएमओ ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग, कलेक्टर को भी भेजी प्रतिलिपि

   नर्मदापुरम संवाददाता- आंचलखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में ‘कुर्सी’ की रार, आदेश के बाद भी लेखापाल का प्रभार सौंपने से एमपीडब्ल्यू का इनकार बीएमओ ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग, कलेक्टर को भी भेजी प्रतिलिपि
नर्मदापुरम। माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पद और प्रभार को लेकर प्रशासनिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। शासन स्तर से संलग्नीकरण निरस्त किए जाने और स्थानीय स्तर पर जारी निर्देशों के बावजूद उप स्वास्थ्य केंद्र आंचलखेड़ा में पदस्थ एमपीडब्ल्यू प्रवीण पटेल द्वारा लेखापाल का प्रभार सौंपने से इनकार करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को पत्र लिखकर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। आदेशों की अवहेलना का आरोप बीएमओ कार्यालय की ओर से 27 अक्टूबर को सीएमएचओ को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन एवं प्रशासन स्तर पर सभी संलग्नीकरण निरस्त किए जा चुके हैं। इसी क्रम में एमपीडब्ल्यू प्रवीण पटेल को उनके मूल पदस्थापना स्थल उप स्वास्थ्य केंद्र आंचलखेड़ा के लिए कार्यमुक्त करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लेखा शाखा का प्रभार संगणक हर्षित दुबे को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
इस संबंध में बीएमओ कार्यालय द्वारा 21 और 22 अक्टूबर को भी पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद प्रभार नहीं सौंपे जाने पर बीएमओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की लगातार अवहेलना और मनमर्जी से कार्य करने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर को भी भेजी गई है। ‘सीएमएचओ का आदेश आने पर ही सौंपूंगा प्रभार’ दूसरी ओर, एमपीडब्ल्यू एवं प्रभारी लेखापाल प्रवीण पटेल ने 24 अक्टूबर को बीएमओ को लिखित जवाब देकर प्रभार सौंपने से इनकार कर दिया। अपने जवाब में उन्होंने तर्क दिया कि सीएमएचओ कार्यालय के पत्र क्रमांक 4125, दिनांक 16 मई 2025 के माध्यम से उन्हें मूल कार्य के साथ लेखापाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। पटेल का कहना है कि वे पूरी ईमानदारी और लगन से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें प्रभार सौंपने के लिए पदस्थ करने वाले सीएमएचओ कार्यालय से निर्देश प्राप्त नहीं होते, तब तक वे लेखापाल का प्रभार नहीं सौंपेंगे। अब कलेक्टर और सीएमएचओ के निर्णय पर नजर स्वास्थ्य विभाग में संलग्नीकरण निरस्त होने के बाद भी प्रभार हस्तांतरण को लेकर अधिकारी और कर्मचारी के बीच बना गतिरोध प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर बीएमओ स्थानीय स्तर पर जारी निर्देशों के पालन की बात कह रहे हैं, वहीं संबंधित कर्मचारी जिला स्तर से स्पष्ट आदेश मिलने की मांग पर अड़ा है। अब यह मामला कलेक्टर और सीएमएचओ के संज्ञान में पहुंच चुका है। ऐसे में देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस प्रशासनिक गतिरोध को किस तरह सुलझाता है और संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
संपादकीय सुझाव: खबर में दोनों पक्षों का लिखित पक्ष शामिल होने से रिपोर्ट संतुलित बनी है। प्रकाशित करने से पहले आदेश क्रमांक, तारीख और प्रभार हस्तांतरण संबंधी निर्देशों का दस्तावेजों से मिलान अवश्य कर लें।

Spread the love