
प्रतीक पाठक नर्मदापुरम
मां नर्मदा के प्रति आस्था और पर्यावरण संरक्षण की भावना के साथ अखिल भारतीय कायस्थ समाज की मातृ-शक्तियों द्वारा स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर रविवार को स्वच्छता अभियान चलाया गया। यह अभियान पिछले तीन वर्षों से निरंतर जारी है। मातृ-शक्तियों ने मां नर्मदा की अविरल धारा बनाए रखने और घाटों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।अभियान के दौरान ममता तिवारी, प्रीति खरे, मनोज वर्मा, मंजू श्रीवास्तव, रश्मि सक्सेना, विजय वर्मा, लालता प्रसाद, केशव वर्मा और सी.बी. खरे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने श्रमदान कर घाट परिसर की सफाई की और पूजन सामग्री को अलग एकत्रित किया।सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा ने कहा कि मां नर्मदा केवल जीवनदायिनी ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर एक आध्यात्मिक केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि यही वह पावन तट है जहां ऋषि-मुनियों ने तपस्या की। फूल-माला एवं पूजन सामग्री को जल में प्रवाहित करना स्वच्छता के विरुद्ध है। नर्मदा को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का उत्तरदायित्व है।आस्था और पर्यावरण का संगम महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अगले दिन घाटों पर विसर्जित पूजन सामग्री और फूल-मालाओं के कारण गंदगी फैल गई थी। श्रद्धालुओं द्वारा अनजाने में किए गए इस कार्य से मां नर्मदा के जल की निर्मलता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए कायस्थ समाज की महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने आगे बढ़कर श्रमदान किया और घाट को पुनः स्वच्छ बनाया।नगरपालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा एवं मातृ-शक्ति की जिला अध्यक्ष ज्योति वर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम ने घाटों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।यह अभियान न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी है।
