बसंत पंचमी पर परंपरा और आस्था का संगम, राधा कृष्ण विश्वकर्मा मंदिर में शांतिपूर्ण पूजा संपन्न

      प्रतीक पाठक नर्मदापुरम

शहर के कोरी घाट स्थित श्री राधा कृष्ण विश्वकर्मा मंदिर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया गया। श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज संगठन द्वारा लगभग 90 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। पूजा में समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।पूजन के दौरान मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए आपसी मतभेद की स्थिति बनी, लेकिन समाज के वरिष्ठ और समझदार लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आपसी संवाद के माध्यम से स्थिति को संभाल लिया। सूझबूझ और संयम के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचाव हो सका और धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ।श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन मालवीय ने बताया कि समाज द्वारा वर्षों से चली आ रही परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है और प्रशासन से अनुमति लेकर पूजा आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि “धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं और हमारा उद्देश्य सदैव सौहार्द और समरसता बनाए रखना है।”बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने माँ सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि और सद्भाव की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया।
स्थानीय नागरिकों ने भी उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी पक्ष आपसी संवाद और समझ से धार्मिक आयोजनों को और अधिक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराएंगे।

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