तिलक सिंदूर मंदिर और पार्क बना अव्यवस्था का प्रतीक, रख रखाव का आभाव

 

                                 प्रतीक पाठक नर्मदापुरम                               श्रद्धा और पर्यटन का प्रमुख केंद्र माने जाने वाला तिलक सिंदूर मंदिर परिसर और उससे लगा पार्क आज घोर अव्यवस्था और बदहाली का शिकार हो चुका है। करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किया गया यह परिसर वर्तमान में प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बनता जा रहा है।मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा रख-रखाव के अभाव में जर्जर होती जा रही है। चारों ओर गंदगी फैली हुई है, टूटे-फूटे ढांचे और उगी झाड़ियां परिसर की शोभा को धूमिल कर रही हैं। साफ-सफाई की स्थिति इतनी खराब है कि नाम मात्र की व्यवस्थाएं भी नजर नहीं आतीं।पार्क की हालत भी चिंताजनक है। झूले, बैठने की जगह और पाथवे क्षतिग्रस्त पड़े हैं। सुरक्षा और रख-रखाव के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों में भी नकारात्मक संदेश जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह पार्क और मंदिर परिसर विकसित किया गया था, वह आज पूरी तरह से खो चुका है। करोड़ों की सार्वजनिक राशि खर्च होने के बावजूद यदि ऐसी दुर्दशा है, तो यह जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द साफ-सफाई, सुरक्षा और नियमित रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि यह धार्मिक और पर्यटन स्थल अपनी गरिमा पुनः प्राप्त कर सके।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बदहाली पर संज्ञान लेगा, या करोड़ों की संपत्ति यूं ही अव्यवस्था की भेंट चढ़ती रहेगी?
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