प्रतीक पाठक नर्मदापुरम –
रक्षा बंधन भाई और बहन के प्रेम का त्यौहार है जिसमें बहन भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बांधती है और भाई बहन की रक्षा का वचन देता है
मगर यह ज़रूरी है कि रक्षा के वचन को पूर्ण करने के लिए भाई को सुरक्षित रहना होगा
आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली वृद्धि और दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मृत्यु संख्या को देखते हुए रक्षा बंधन के पुनीत पर्व पर यातायात पुलिस नर्मदापुरम का अभियान त्यौहार पर बहनों को ले जा रहे भाइयों पर केंद्रित रहा
बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चला रहे भाइयों को समझाया गया कि बहनों की रक्षा का वचन तभी पूरा हो सकता है जब आप सुरक्षित हों लेकिन बिना हेलमेट आप खुद ही सुरक्षित नहीं है
इसके पश्चात डीएसपी यातायात द्वारा निःशुल्क हेलमेट दिया जा कर बहनों से भाइयों को हेलमेट रूपी रक्षा सूत्र पहनवाया गया और भाई से शपथ कराई गई कि मैं हेलमेट पहन कर सदैव सुरक्षित चालन करूंगा ताकि अपने रक्षा के वचन को निभा सकूं
डबल फाटक इटारसी रोड पर डीएसपी ट्रेफिक संतोष मिश्रा के नेतृत्व में कुल 10 बहनों से निःशुल्क हेलमेट भाइयों को बंधवा कर शपथ दिलवाया गया
उल्लेखनीय है कि सेंट्रल बैंक द्वारा सीएसआर में प्राप्त हुए थे जिन हेलमेट का यातायात पुलिस द्वारा जन जागरूकता के पुनीत उद्देश्य से योग्य चालकों को प्रदान किया जा रहा है
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हेलमेट पहनने हेतु जागरूकता की दृष्टि से जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है । रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर प्रयास था कि कम से कम भाइयों को यह संदेश पहुंचाया जा सके कि रक्षा बंधन पर बहन को दिए गए रक्षा के वचन को पूरा करने के लिए भाई का सुरक्षित रहना आवश्यक है, अतः वह बहन को दिए गए वचन का ध्यान रखते हुए पूर्ति हेतु दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहन कर सुरक्षित चले
संतोष मिश्रा DSP Traffic
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मैं अपने भाई के साथ बैठ कर इटारसी से नर्मदापुरम जा रही थी रास्ते में यातायात पुलिस ने हमे रोक लिया, पहले तो लगा कि भाई के हेलमेट न पहने होने पर चालान होगा लेकिन पुलिस ने मेरे भाई को समझाया और अपनी तरफ से मुझ से मेरे भाई को हेलमेट पहनवाया गया और मेरे भाई ने हमेशा हेलमेट पहन कर गाड़ी चलाने का वचन दिया।
पहले तो हम चालान का सोच कर घबराए थे पर इस प्रकार की कार्यवाही देख कर अच्छा लगा। सभी भाइयों से मेरा अनुरोध है कि बहनों की रक्षा के वचन को पूरा करने के वादे को ध्यान में रखते हुए खुद भी हेलमेट पहने और सुरक्षित चलें यह हम बहनों को भी अच्छा लगेगा
संगीता व्यास इटारसी