
प्रतीक पाठक नर्मदापुरम-
विद्या, विवेक और वाणी की देवी माँ सरस्वती के प्रकटोत्सव बसंत पंचमी के पावन अवसर पर नर्मदा विहार पब्लिक स्कूल, मालाखेड़ी में संस्कारों से ओत-प्रोत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर मंत्रोच्चार, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना से गूंज उठा।शिक्षा के साथ संस्कारों की सशक्त पहल
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मातृ-पितृ पूजन’ रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने विधि-विधान से अपने माता-पिता का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों द्वारा माता-पिता के चरण पखारने और श्रद्धा भाव से नमन करने का दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्ची शिक्षा वही है, जो संस्कारों से जुड़ी हो।जीवन निर्माण का संदेश विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को सेवा, अनुशासन और संस्कारों के महत्व को सरल शब्दों में समझाया गया। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे माता-पिता व गुरुजनों का सदैव सम्मान करेंगे,
अनुशासित एवं नियमित दिनचर्या अपनाएंगे,
अच्छे नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
गरिमामयी सहभागिता इस अवसर पर विद्यालय के मार्गदर्शक श्री परसाई जी एवं प्राचार्या श्रीमती वर्षा परसाई की विशेष उपस्थिति रही। पूजन-विधि का संचालन आचार्य पं. हरिओम मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का उल्लेखनीय सहयोग रहा।यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए स्मरणीय रहा, बल्कि अभिभावकों के लिए भी गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव सिद्ध हुआ। संस्कारों से संवरता भविष्य बसंत पंचमी पर नर्मदा विहार पब्लिक स्कूल, मालाखेड़ी में बच्चों ने मातृ-पितृ पूजन कर संस्कारों का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।जब शिक्षा के साथ संस्कार जुड़ते हैं, तब बनता है उज्ज्वल भविष्य
