
सिवनी मालवा (पवन जाट)
आज के परिवेश में महिलाओं के लिए सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। जब तक महिलाओं को कानून का ज्ञान नहीं होगा, तब तक उनमें वास्तविक सजगता नहीं आ सकती। यह बात जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ने आईटी सेंटर महिला एवं बाल विकास परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कही।न्यायाधीश श्रीमती खान ने कहा कि महिलाओं को अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के साथ-साथ उन्हें कानून की जानकारी भी देना चाहिए। इसी उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है, ताकि आमजन को कानून से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके।उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को गुड टच–बैड टच की जानकारी देने पर जोर दिया और कहा कि किसी भी प्रकार की गलत घटना होने पर बालिकाओं को बिना डरे अपने अभिभावकों को जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को बाल अपराध, बाल कानून, महिलाओं से संबंधित कानून, भ्रूण हत्या, पॉक्सो एक्ट, यौन शोषण, लैंगिक समानता सहित विभिन्न विषयों पर कानून की विस्तृत जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रिंकू जैन ने कहा कि शासन द्वारा महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और समाज का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं और विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से उन्हें कानून की जानकारी निरंतर प्राप्त होती रहती है।महिला उप निरीक्षक सोनाली चौधरी ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी दी।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शकुंतला गौर, पर्यवेक्षकगण रेखा यदुवंशी, अम्मा खान, मीनाक्षी लोवंशी, सोनिया सोनी, महिला एवं बाल विकास कार्यकर्ता, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित रहीं।
