
(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
नर्मदापुरम। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को शहर के सांई कृष्णा रिसोर्ट में एमएसएमई ऋण मेगा आउटरीच शिविर का आयोजन किया गया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य माया नारोलिया ने 130 से अधिक हितग्राहियों को लगभग 170 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र मौके पर ही प्रदान किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माया नारोलिया ने कहा कि केंद्र सरकार की सोच देश के युवा, महिलाओं, गरीब और पात्र वृद्ध वर्ग को आत्मनिर्भर बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त करने की है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर रोजगार सृजन की रीढ़ है और इस तरह के शिविरों से उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं तक सीधी और सरल पहुंच मिलती है। उन्होंने बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।केंद्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि डीजीएम जयशंकर प्रसाद ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में एमएसएमई और बैंकिंग सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने “आपकी पूंजी–आपका अधिकारी”, “घर वापसी” और “स्वागतम” योजनाओं के साथ-साथ मुद्रा योजना, जीएसटी आधारित ऋण और होटल सेक्टर के लिए विशेष वित्तीय प्रावधानों की जानकारी दी।क्षेत्रीय प्रमुख रजत मिश्रा ने कहा कि बैंक अब क्लस्टर आधारित पहुंच पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न व्यापारिक समूहों को उनकी जरूरत के अनुसार त्वरित और सरल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।शिविर में उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए मुद्रा, बिजनेस लोन, शॉप लोन, सीए लोन, टेक्सटाइल सेक्टर लोन, जीएसटी आधारित ऋण, संजीवनी योजना और सेंट होटल योजना सहित सेंट बिजनेस लोन, सेंट स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लघु उद्योग संघ व व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
