
प्रतीक पाठक नर्मदापुरम
शहर में आज नर्मदा जयंती का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही सेठानी घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच अतिक्रमण ने श्रद्धालुओं की आस्था में बाधा उत्पन्न कर दी है।
कोरी घाट स्थित चित्रगुप्त मंदिर के सामने बीच रास्ते पर दुकानदारों द्वारा दुकानें सजाने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संकरे रास्ते में भीड़ बढ़ने के कारण महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे गिरते-पड़ते नजर आ रहे हैं। रास्ता अवरुद्ध होने से न केवल श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है।नर्मदा जयंती के अवसर पर शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे हैं। घाटों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन रास्ता साफ न होने के कारण श्रद्धालु समय पर घाट तक नहीं पहुंच पा रहे, जिससे नाराजगी भी देखी जा रही है।स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यह अतिक्रमण पूरी तरह अवैध है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर दुकानों को हटाकर रास्ता खुलवाना चाहिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से मां नर्मदा के दर्शन कर सकें।पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग चित्रगुप्त मंदिर के सामने लगी दुकानों के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों और यातायात पुलिस से भी श्रद्धालुओं ने आग्रह किया है कि तत्काल अतिक्रमण हटवाकर रास्ता सुचारू कराया जाए। दुकान पर लगी भीड़ के कारण विशेषकर बुजुर्ग महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं।श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की मांग है कि नर्मदा जयंती जैसे पावन अवसर पर प्रशासन सख्ती दिखाए, ताकि आस्था के इस महापर्व में किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना न हो और श्रद्धालु निश्चिंत होकर धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो सकें।
