
(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
तकनीक के क्षेत्र में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है और दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाश रही है, लेकिन हमारे सामने आज भी सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या बनी हुई है। बढ़ती दुर्घटनाएं और उनमें होने वाली मौतें समाज के लिए चिंता का विषय हैं। इन्हीं हालातों को देखते हुए यातायात पुलिस द्वारा लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।यातायात जागरूकता अभियान की श्रृंखला में सेमेरिटंस विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के चार मुख्य कारण होते हैं—सड़क, वाहन, मौसम और सड़क उपयोगकर्ता। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सड़क उपयोगकर्ता की होती है, क्योंकि एक सजग और जिम्मेदार उपयोगकर्ता अन्य कमियों के बावजूद भी सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में बड़ी कमी ला सकते हैं।यातायात निरीक्षक सुनीता पटेल ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमों का पालन क्यों आवश्यक है और वाहन चलाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को हमेशा हेलमेट पहनने और नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है और अधिकांश सड़क हादसों का कारण भी यही होता है।डीएसपी मिश्रा ने छात्रों को “ना कहना” सीखने का संदेश देते हुए कहा कि चाहे नशा हो, नियमों का उल्लंघन हो या बिना लाइसेंस वाहन चलाने का दबाव—गलत के खिलाफ खड़ा होना ही सच्ची समझदारी है। उन्होंने राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस उपचार योजना की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य प्रेरणा रावत, उप प्राचार्य आर.के. रघुवंशी सहित यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित
