
सिवनी मालवा (पवन जाट)
तहसील सिवनी मालवा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आवाज उठाना एक समाजसेवी कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। अवैध शराब कारोबार से जुड़े असामाजिक तत्वों द्वारा फोन पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और समाजसेवियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवनी मालवा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर इस अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन को अवगत कराया गया है। इसी क्रम में समाजसेवी कार्यकर्ता सतीश यदुवंशी द्वारा भी अवैध शराब बिक्री के विरोध में आवाज उठाई जा रही थी।आरोप है कि इसी कारण उन्हें फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए डराया-धमकाया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। इस घटना से न केवल संबंधित कार्यकर्ता बल्कि पूरे समाज में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।मामले को लेकर म.प्र. यदुवंशी (जादम) समाज परिषद युवा संगठन, सिवनी मालवा द्वारा जिला कलेक्टर नर्मदापुरम के नाम लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इस प्रकार धमकाना निंदनीय है और यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है।समाज संगठन का यह भी कहना है कि अवैध शराब को लेकर पूर्व में भी कई बार प्रशासन को शिकायतें और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। यही कारण है कि अब धमकी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई की जाए और धमकी देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी समाजसेवी या नागरिक इस तरह के दबाव और भय के माहौल का शिकार न हो।समाज परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
