
(पवन जाट)
सिवनीमालवा (नर्मदापुरम), मध्य प्रदेश।
सिवनीमालवा क्षेत्र के झकलाय नाका इलाके में स्थित रेलवे गेट-218 को बंद किए जाने की आशंका को लेकर आसपास के लगभग 40 गांवों के ग्रामीणों में भारी चिंता और आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर रेलवे गेट से आवागमन सुचारू बनाए रखने की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि झकलाय नाका क्षेत्र एवं उससे जुड़े दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए यह रेलवे गेट मुख्य शहर, बाजार, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। यदि इस गेट को बंद किया गया, तो हजारों लोगों का सीधा संपर्क शहर से टूट जाएगा, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।वर्तमान में इस स्थान पर लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा ओवरब्रिज निर्माण कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि निर्माण कार्य के दौरान रेलवे गेट-218 को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि रेलवे गेट बंद होने की स्थिति में स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। आपातकालीन स्थितियों में अस्पताल तक पहुंचना भी कठिन हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक रेलवे गेट-218 से आवागमन चालू रखा जाए अथवा कोई सुरक्षित, सुगम और वैकल्पिक मार्ग तत्काल उपलब्ध कराया जाए।ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन एवं अनशन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।इस आवेदन की प्रतियां रेलवे अधिकारी बानापुरा, कलेक्टर महोदय नर्मदापुरम एवं थाना प्रभारी सिवनीमालवा को भी उचित कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में संतोष लौवंशी, संतोष कुशवाहा, मुकेश राजपूत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
