रामजी बाबा मेला शुरू होते ही चादर चढ़ाने के मामले पर विवाद, हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन महंत परिवार ने किया खंडन, दो वर्ष पूर्व बंद हुई प्रथा दोबारा शुरू करने पर आपत्ति

                      प्रतीक पाठक नर्मदापुरम

शहर में रामजी बाबा मेला के शुभारंभ के साथ ही एक बार फिर हजरत गौरी शाह दरगाह पर चादर चढ़ाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू सकल समाज सहित अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं अन्य हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है।ज्ञापन में बताया गया कि प्रशासन की मदद से लगभग दो वर्ष पूर्व उक्त दरगाह पर चादर चढ़ाने की प्रथा को बंद कराया गया था, लेकिन इस वर्ष कुछ लोगों द्वारा पुनः चादर चढ़ाकर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे समाज में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।इस पूरे मामले को लेकर महंत परिवार के मुरारी दास महंत ने स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा कि यह कृत्य पूरी तरह गलत है और महंत परिवार इसका समर्थन नहीं करता। उन्होंने इस संबंध में लिखित खंडन प्रशासन को भी सौंपा है।हिंदू संगठनों की ओर से आलोक शर्मा ने बताया कि जिस गौरी शाह दरबार की बात की जा रही है, वह बालागंज क्षेत्र में स्थित था और गौरी शाह तथा रामजी बाबा के जीवनकाल में लगभग 200 वर्षों का अंतर है। इसके बावजूद इसे ग्वालटोली से जोड़कर परंपरा का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जो ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है।
डॉ. विजय महंत ने कहा कि जो प्रथा दो वर्ष पूर्व बंद हो चुकी है, उसे दोबारा शुरू करना उचित नहीं है और समाज इसका समर्थन नहीं करता। वहीं रितेश खंडेलवाल ने भी प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में चादर चढ़ाने एवं वीडियो वायरल करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कुछ संगठनों ने सामाजिक बहिष्कार की भी मांग उठाई है।इस अवसर पर गजेंद्र राव, नितेश खंडेलवाल, संदीप शर्मा, जगबीर राजवंशी, अजय ठाकुर, राजीव गौर, धीरज चौकसे सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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