
प्रतीक पाठक नर्मदापुरम
मां नर्मदा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अखिल भारतीय कायस्थ समाज का अभियान निरंतर प्रेरणादायक बनता जा रहा है। पिछले कई वर्षों से समाज के सदस्य चित्रगुप्त घाट सहित विभिन्न घाटों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चला रहे हैं। रविवार को भी समाज के पदाधिकारी, मातृशक्ति और सामाजिक कार्यकर्ता नर्मदा तट पर एकत्रित हुए और पूजा सामग्री, फूल-मालाएं तथा अन्य कचरे को हटाकर घाटों को स्वच्छ बनाया।
अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों में नर्मदा के प्रति श्रद्धा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दौरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने सेवा भाव से इस पहल को मजबूती दी।कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रिटायर्ड शिक्षिका मोना आनंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मां नर्मदा हमारी आस्था ही नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि घाटों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है और यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण देने का सतत प्रयास है।वहीं, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा ने नर्मदा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्कंद पुराण के अनुसार नर्मदा का प्रत्येक कण पूजनीय है और इसकी पवित्रता बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।इस अवसर पर मंजू श्रीवास्तव, ज्योति वर्मा, प्रीति खरे, जानकी, ममता तिवारी, अनीता वर्मा, रश्मि वर्मा, सुमन वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कायस्थ समाज का यह अभियान स्वच्छता के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त बना रहा है।
