
प्रतीक पाठक नर्मदापुरम
मां नर्मदा के प्रति अटूट आस्था और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को साकार करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ समाज की मातृशक्ति इकाई द्वारा रविवार को स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर विशेष स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान चलाया गया। नर्मदा जयंती के पावन पर्व के पश्चात घाटों पर एकत्रित पूजन सामग्री, प्लास्टिक की थैलियां एवं पानी की खाली बोतलों को समाज के सदस्यों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ साफ किया।प्लास्टिक मुक्त नर्मदा का लिया संकल्प नर्मदा जयंती के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित फूल-मालाओं के साथ बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, डिस्पोजल एवं अन्य प्लास्टिक सामग्री घाटों पर जमा हो गई थी। मातृशक्ति एवं समाज के सदस्यों ने इन्हें हाथों से चुन-चुनकर एकत्र किया। घाट परिसर की झाड़ू लगाकर सफाई की गई तथा समस्त कचरे को डस्टबिन के माध्यम से उचित निपटान हेतु भेजा गया।समाज के सदस्यों ने चिंता व्यक्त की कि प्लास्टिक न केवल नदी जल को प्रदूषित करता है, बल्कि जलीय जीवों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।‘नर्मदा केवल नदी नहीं, हमारी जीवनरेखा है’इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य विजय वर्मा ने कहा कि मां नर्मदा मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र की जीवनरेखा हैं। उन्होंने कहा—“नर्मदा विश्व की एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है। इसकी स्वच्छता हम सभी का सामूहिक दायित्व है। प्लास्टिक जैसे अजैविक कचरे को नदी में जाने से रोकना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।”वहीं समाज के सक्रिय सदस्य अभय वर्मा ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु पूजन के पश्चात फूल-माला, प्लास्टिक थैलियां या डिस्पोजल सामग्री नदी में न डालें और घाटों पर गंदगी न छोड़ें, ताकि मां नर्मदा की पवित्रता और निर्मलता बनी रह सके।इनकी रही गरिमामयी उपस्थितिइस पुनीत स्वच्छता अभियान में मातृशक्ति अध्यक्ष ज्योति वर्मा सहित केशव वर्मा, मनोज वर्मा, प्रीती खरे, श्रीमती सुमन वर्मा, लालता प्रसाद, अशोक वर्मा, रश्मि सक्सैना, रश्मि वर्मा, सी.बी. खरे, मंजू श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव सहित समाज के अनेक ऊर्जावान सदस्य उपस्थित रहे।
