जेल अनुशासन का पालन बंदियों के लिए अनिवार्य: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान

सिवनी मालवा, 03 फरवरी 2026।

(पवन जाट)

उपजेल सिवनी मालवा में आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान द्वारा जेल का निरीक्षण किया गया तथा इस अवसर पर जेल परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन भी किया गया। निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश श्रीमती खान ने जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद करते हुए उन्हें जेल अनुशासन के महत्व से अवगत कराया।जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ने अपने संबोधन में कहा कि जेल में रहते हुए सभी बंदियों के लिए जेल के नियमों और अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द और प्रेमपूर्वक व्यवहार करें तथा अनुशासित जीवन शैली अपनाएं, जिससे जेल का वातावरण शांतिपूर्ण बना रहे।निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश श्रीमती खान ने उपजेल में बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी की व्यवस्था, मुलाकात की प्रक्रिया एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों को शासन द्वारा निर्धारित सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर एवं उचित रूप से उपलब्ध कराई जाएं।विधिक साक्षरता शिविर के दौरान न्यायाधीश श्रीमती खान ने बंदियों से उनके प्रकरणों में अधिवक्ता नियुक्ति की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। इस पर अधिकांश बंदियों ने अपने प्रकरणों में अधिवक्ता नियुक्त होने की जानकारी दी।न्यायाधीश श्रीमती खान ने बंदियों से यह भी कहा कि यदि उन्हें जेल में किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो तो वे निसंकोच प्रशासन को अवगत कराएं। इस पर बंदियों ने बताया कि जेल स्टाफ द्वारा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं दी जा रही है।इस अवसर पर उपजेल अधीक्षक ऐश्वर्य मिश्रा, जेल के कर्मचारी एवं जेल में निरुद्ध बंदी उपस्थित रहे।

Spread the love