दिव्यांग बच्चों के जीवन में शिक्षा की लौ जलाने वाली पूर्णिमा त्रिपाठी को मिला ‘सांसद सम्मान’

                 (प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)

समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और स्वावलंबन की मुख्यधारा से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य करने वाली पूर्णिमा त्रिपाठी को ‘सांसद सम्मान’ से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें क्षेत्र के 71 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया।जनपद शिक्षा केंद्र की समन्वयक संगीता यादव के मार्गदर्शन में पूर्णिमा त्रिपाठी ने सिवनी मालवा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग की। उन्होंने न केवल 71 बच्चों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया, बल्कि उन्हें संगीत, खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी जोड़ा, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित हुई।एक गरिमामयी समारोह में बच्चों को व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल और श्रवण यंत्र वितरित किए गए। इन सहायक उपकरणों ने बच्चों के जीवन में नई आशा का संचार किया। मंच पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला, प्रदेश कार्य समिति सदस्य संतोष पारीख, नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन तथा बी.ए.सी. संतोष शर्मा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।इस अवसर पर संगीता यादव ने कहा, “ये केवल उपकरण नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाले पंख हैं।” पूर्णिमा त्रिपाठी ने इस सम्मान का श्रेय बच्चों के अभिभावकों के सहयोग और विश्वास को दिया। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से हर दिव्यांग बच्चा समाज का गौरव बन सकता है।

Spread the love