
(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
स्थानीय रिवर कॉलोनी में इन दिनों भक्ति, आश्चर्य और प्रकृति के अद्भुत संगम का दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां रहने वाले बैंक अधिकारी श्री सी.बी. खरे और उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति खरे के निवास पर दुर्लभ हिमालयी पुष्प ब्रह्म कमल एक बार फिर खिल उठा है। खास बात यह है कि वर्ष भर में यह पांचवीं बार खिला है, जिसे लोग प्रकृति का चमत्कार और ईश्वरीय कृपा मान रहे हैं।खरे परिवार के अनुसार उन्होंने पिछले 13 वर्षों से इस पौधे की सेवा पूरे धैर्य और समर्पण के साथ की है। समय पर जल देना, उपयुक्त खाद, और अनुकूल वातावरण बनाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा। आम मान्यता है कि ब्रह्म कमल 10 से 12 वर्ष में केवल एक बार खिलता है, लेकिन लंबी तपस्या के बाद एक ही वर्ष में पांच बार इसका खिलना सभी को चकित कर रहा है।जैसे ही कॉलोनी में इस अद्भुत घटना की जानकारी फैली, श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों का तांता लग गया। लोग देर रात तक दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। रात के समय सफेद आभा बिखेरते इस पुष्प की दिव्य सुगंध से पूरा परिसर महक उठा। माना जाता है कि ब्रह्म कमल केवल रात में ही खिलता है और कुछ घंटों में ही मुरझा जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म कमल सौभाग्य, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सामान्यतः यह 11 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है, ऐसे में मैदानी क्षेत्र में इसका बार-बार खिलना खरे परिवार की निष्ठा और प्रकृति-प्रेम का प्रमाण माना जा रहा है।खरे परिवार का यह अनुभव संदेश देता है कि यदि प्रेम, धैर्य और विश्वास के साथ प्रकृति की सेवा की जाए, तो वह असंभव को भी संभव बना सकती है।
