दो दशकों से बसे झुग्गी वासियों पर बेदखली का खतरा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सिवनी मालवा (पवन जाट)

सिवनी मालवा नगर के नर्मदापुरम–हरदा बायपास मार्ग किनारे नहर के पास निवास कर रहे दर्जनों झुग्गी–झोपड़ी वासियों का भविष्य इन दिनों अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। लगभग दो दशकों से यहां रह रहे करीब 40 परिवारों को अब बेदखली की आशंका सताने लगी है। इसी को लेकर बुधवार को झुग्गी–झोपड़ी वासियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपने आशियाने बचाने की मांग की।झुग्गी वासियों ने नायब तहसीलदार एस.एस. रघुवंशी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वे वर्ष 2004 से नारायण कॉलोनी के समीप नहर किनारे निवास कर रहे हैं। वर्षों पहले उन्होंने अपनी मेहनत से यहां अस्थायी मकान बनाकर रहना शुरू किया था और तब से मजदूरी, छोटे व्यापार एवं अन्य कार्यों के माध्यम से अपने परिवारों का भरण–पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल ही में नगर एवं नहर विभाग द्वारा झुग्गियों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बन गया है।ज्ञापन में झुग्गी–झोपड़ी वासियों ने शासन द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा यह घोषणा की गई थी कि 31 दिसंबर 2020 से पूर्व शासकीय भूमि पर निवास करने वाले झुग्गी–झोपड़ी वासियों को पट्टा प्रदान किया जाएगा। इसी भरोसे पर झुग्गी वासी लंबे समय से पट्टे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा भूमिहीन झुग्गी–झोपड़ी वासियों का सर्वे कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है, इसके बावजूद अब तक पट्टा वितरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है।झुग्गी–झोपड़ी वासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और पट्टा प्रदान किए उनके मकानों को तोड़ा गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में समस्त झुग्गी वासी चरणबद्ध आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन धरना–प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।इस पूरे मामले में झुग्गी वासियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन प्राप्त हो रहा है। वार्ड क्रमांक 09 एवं वार्ड क्रमांक 12 के पार्षदों के साथ नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष ने भी झुग्गी वासियों की मांगों का समर्थन किया है। जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर शासन से आग्रह किया है कि वर्षों से बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें पट्टा प्रदान कर राहत दी जाए।झुग्गी–झोपड़ी वासियों द्वारा दिया गया यह आवेदन मुख्यमंत्री के साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कलेक्टर नर्मदापुरम, एसडीओ (राजस्व) सिवनी मालवा, तहसीलदार सिवनी मालवा एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है, ताकि इस गंभीर मामले पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके।अब देखना यह होगा कि प्रशासन वर्षों से बसे इन गरीब परिवारों को राहत देते हुए बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाता है या पट्टा प्रदान कर उन्हें सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाता है। फिलहाल झुग्गी–झोपड़ी वासी प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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