भोपाल। राजधानी में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। भोपाल में हाल के दिनों में डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें आवारा कुत्तों और पालतू कुत्तों दोनों के हमले शामिल हैं। बच्चों के साथ बड़े भी डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं। डॉग बाइट के बढ़ते मामलों के लिए पेट लवर्स भी मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। हिसंक कुत्तों के पीछे पेट लवर्स रहवासियों से झगड़ जाते हैं । इस प्रकार के झगड़ों से पुलिस भी आए दिन जूझना पड़ता है। पुलिस भी ऐसे मामलों में शिकायती आवेदन लेकर पीडि़त को चलता कर देते हैं। पेट लवर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शाहपुरा थाना क्षेत्र के बावडिय़ा कलां स्थित जय भवानी सोसायटी का सामने आया है। जहां स्ट्रीट डॉग ने एक कामकाजी महिला के पैर में काट लिया जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके बाद रहवासियों ने नगर निगम में शिकायत करकेे कुत्ते को पकड़वा दिया। लेकिन एक एनजीओ संचालिका कविता भवनानी ने उस हिंसक कुत्ते को फिर से छुडवा लिया और रहवासियों से भी झगड़ा किया। इस मुद्दे को लेकर रहवासियों के एनजीओ संचालिका के खिलाफ थाने में शिकायत की है। पिछले 6 महीनों में भोपाल में करीब 19,000 से ज़्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं, जिससे यह राज्य में छठे स्थान पर है। बढ़ते डॉग बाइट के मामलों को लेकर
नगर निगम नसबंदी सेंटर चला रहा है, पर कई बार शिकायत के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नराजगी है। विशेषज्ञों को मानना है कि हिसंक जानवरों की पैरवी करने वाले एनजीओ के खिलाफ भी सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
रात को 1 बजे तक थाने में किया हंगामा
एनजीओ संचालिका कविता भावनानी ने रात को 1 बजे तक थाने में जमकर हंगामा किया। महिला थाने में अपने मोबाइल पुलिस वालों का और रहवासियों का वीडियो बनाती रही और बार बार एनजीओ के माध्यम से कार्रवाई कराने की धमकी देती रही।
एनजीओ की आड़ में कार्रवाई की धौंस
एनजीओ संचालिका कविता भावनानी रहवायों को कार्रवाई की धौंस देती है। रहवासी जब भी आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए नगर निगम की गाड़ी बुलवाते हैं तो कविता भावनानी एनजीओ की आड़ में नगर निगम कर्मियों के साथ पुलिस को भी कार्रवाई की धमकी देती है।
एनजीओ के नाम पर फर्जीवाड़े के आरोप
रहवासियों ने कविता भावनानी के एनजीओ की जांच की भी मांग की है। रहवासियों ने एनजीओ के नाम पर सरकार से अनुदान लेकर फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप लगाया है।
इनका कहना है
कुत्ता हिंसक नहीं हो सकता, कुत्ता तभी काटता है जब कोई उसे छेड़ता है। जिस महिला को कुत्ते ने काटा है उस महिला ने कुत्ते को छेड़ा होगा।
-कविता भावनानी,एनजीओ संचालिका
पालतू कुत्ता यदि किसी काटता है तो पीडि़त की शिकायत पर कार्रवाई की जाती है लेकिन स्ट्रीट डॉग यदि किसी को काटता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई नियम नहीं है। हमें भी कई बार एनजीओ का प्रेशर झेलना पड़ता है।
-लोकेद्र ठाकुर थाना प्रभारी,शाहपुरा
हाल के कुछ मामले
बावडिय़ा कलां (जनवरी 2026) में एक कामकाजी महिला पर कुत्ते ने हमला कर दिया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर (जनवारी 2026) एक पालतू कुत्ते ने ट्रेनर को काट कर घायल कर दिया।
बाग सेवनिया (दिसंबर 2025) 5 कुत्तों के झुंड ने 15 साल के बच्चे को काटा, 8 दिन पहले 6 साल के बच्चे पर भी हमला हुआ था।
बागमुगालिया (अगस्त 2025)10 साल के बच्चे पर दो कुत्तों ने हमला किया, गंभीर चोटें आईं, बाद में नगर निगम ने कुत्ते पकड़े।
मुख्यमंत्री आवास (जनवरी 2026) एक पालतू कुत्ते ने ट्रेनर और कुक पर हमला कर घायल कर दिया, जो चिंताजनक है क्योंकि यह एक पालतू जानवर था।
अन्य इलाके (अगस्त 2025) गिन्नौरी, कमला पार्क, बरखेड़ी में भी कई लोग कुत्ते के काटने का शिकार हुए।
