सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए भोपाल में जुटेगा ओबीसी-एससी-एसटी का विराट जनसैलाब

भोपाल में 18 जनवरी 2026 को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एक ऐतिहासिक और विराट आमसभा का आयोजन किया जा रहा है। यह आमसभा संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मोर्चा का कहना है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है तथा महापुरुषों के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते समाज में व्यापक असंतोष व्याप्त है। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग भोपाल पहुंचकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करेंगे।आमसभा में ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने, आदिवासी अधिकारी श्री संतोष वर्मा, आईएएस, अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरुद्ध की गई कथित अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों को समाप्त करने, उन्हें यथावत पद पर बनाए रखने तथा शीघ्र पदोन्नति पर लगी रोक हटाने, एससी-एसटी-ओबीसी बैकलॉग पदों की एक माह के भीतर पूर्ति करने, ड्राइंग कैडर घोषित पदों पर पहले बैकलॉग भर्ती करने के बाद ही कैडर घोषित करने, ओबीसी के रोके गए 13 प्रतिशत पदों को तत्काल अनहोल्ड करने, निजी क्षेत्र एवं आउटसोर्स सेवाओं में एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने, पदोन्नति में ओबीसी को भी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण लागू करने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी।ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यह आमसभा किसी भी वर्ग या समाज के विरुद्ध नहीं है, बल्कि उन वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए है जिनके मत से प्रदेश में सरकार बनी है। यह सभा सरकार को उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने, सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का मंच होगी। मोर्चा का कहना है कि यह संघर्ष सत्ता के विरोध का नहीं, बल्कि संविधान के समर्थन का संघर्ष है और इसमें आमजन की भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने कहा कि यह आमसभा सत्ता के खिलाफ नहीं बल्कि संविधान के पक्ष में है और सामाजिक न्याय कोई दया नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी समाज ने लोकतंत्र को मजबूती दी है और अब समय आ गया है कि सरकार भी उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। मोर्चा ने प्रदेशभर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे परिवार सहित भोपाल पहुंचकर इस आमसभा को ऐतिहासिक बनाएं और संविधान, सामाजिक न्याय तथा समान अधिकारों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें।

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