स्वामी विवेकानंद जयंती पर ऐतिहासिक पहल: नर्मदापुरम जिले के 28 हजार विद्यार्थियों को मिले स्कूल बैग विद एजुकेशन डेस्क

(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)

स्वामी विवेकानंद जन्म दिवस के अवसर पर जिले के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य को समर्पित एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पीएम श्री नर्मदा महाविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में नर्मदापुरम जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 27 हजार 778 छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग विद एजुकेशन डेस्क का वितरण किया।
मंत्री श्री राव ने इस अवसर को ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सीखने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप प्रत्येक रुपये का सदुपयोग करते हुए बच्चों के भविष्य को मजबूत किया जा रहा है।
बैग नहीं, चलती-फिरती डेस्क यह अभिनव स्कूल बैग गेल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से तैयार किया गया है, जिसे आईआईटी कानपुर द्वारा डिजाइन किया गया है। इस बैग की खासियत यह है कि इसे जमीन पर बैठकर डेस्क के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इससे बच्चों को ब्लैक बोर्ड देखने में आसानी होगी, उनकी रीढ़ और नजर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा तथा लंबे समय तक पढ़ाई करना सहज होगा।आने वाले समय की बड़ी घोषणाएंमंत्री श्री राव ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में सभी स्कूलों में शौचालय निर्माण पूर्ण किया जाएगा। नवीन शैक्षणिक सत्र से पहले विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित होंगी और ₹500 में पाठ्य-पुस्तक युक्त बस्ते उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों को भारी बोझ से राहत मिलेगी। साथ ही, अप्रैल माह से दूरस्थ स्कूलों के लिए शासकीय बस सेवा प्रारंभ करने की योजना भी साझा की गई।
जनप्रतिनिधियों ने सराहा प्रयासपूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ सीता सरन शर्मा ने कहा कि यह डेस्क बैग छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह पहल उनके स्वास्थ्य व शिक्षा—दोनों के लिए लाभकारी है।
सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह एवं सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा ने भी इस पहल को जिले के लिए अनुपम सौगात बताया।शिक्षा में नवाचार से बदली तस्वीरकलेक्टर सोनिया मीना ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा किए गए नवाचारों से जिले का 10वीं-12वीं का परीक्षा परिणाम प्रदेश में श्रेष्ठ रहा है। ‘नीर पखेरु’, ‘सिटी बजाओ स्कूल बुलाओ’ जैसे अभियानों से बच्चों की उपस्थिति और सीखने का स्तर बढ़ा है।नीति आयोग सदस्य एवं अवंत फाउंडेशन के संरक्षक अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि यह डेस्क 40 किलो तक वजन सहन कर सकती है और घर पर भी उपयोगी है, जिसकी उपयोगिता लगभग तीन वर्षों तक बनी रहती है।चयनित स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक वितरणकार्यक्रम में जिले के विभिन्न शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से बैग वितरित किए गए, जिससे इस योजना की शुरुआत की गई।

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