
(प्रतीक पाठक नर्मदापुरम)
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की समय पर मदद करने के लिए नर्मदापुरम पुलिस ने आम नागरिकों से आगे आने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, घायल व्यक्ति के जीवन के लिए बेहद अहम होता है। यदि इस दौरान घायल को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है।इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन द्वारा “राहवीर योजना” लागू की गई है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिक को ‘राहवीर’ कहा जाता है। ऐसे राहवीर को शासन की ओर से 25 हजार रुपए का नकद इनाम दिया जाता है। खास बात यह है कि यदि एक से अधिक लोग मिलकर घायल की मदद करते हैं, तो सभी पात्र राहवीरों को यह राशि दी जाती है।नर्मदापुरम पुलिस ने बताया कि योजना के अंतर्गत राहवीरों को किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 134A के तहत मदद करने वाले नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, ताकि लोग बिना डर के मानवता का परिचय दे सकें। इसके साथ ही सभी पात्र राहवीरों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है।योजना में राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान का प्रावधान है। हर वर्ष देशभर से चयनित 10 उत्कृष्ट राहवीरों को दिल्ली में एक-एक लाख रुपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाता है। इनाम की राशि सीधे राहवीर के बैंक खाते में पीएफएमएस के माध्यम से भेजी जाती है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटना देखकर अनदेखा न करें, बल्कि मानवता दिखाते हुए घायलों की मदद करें। राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस का कहना है कि एक छोटी सी पहल किसी की जिंदगी बचा सकती है।
