क्या सिवनी मालवा बनने जा रहा है दूसरा इंदौर? दूषित पानी पर बड़ा खुलासा

सिवनी मालवा (पवन जाट)

नगर के विभिन्न वार्डों में वर्षों से चली आ रही जलभराव और दूषित पानी की गंभीर समस्या अब आमजन के लिए स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। कई कॉलोनियों में सीवरेज और घरेलू अपशिष्ट जल के लंबे समय तक जमा रहने से भूजल स्तर भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते लोगों के घरों में लगे बोरवेल से गंदा और बदबूदार पानी निकलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस स्थिति को लेकर नगर में चिंता का माहौल है।इसी गंभीर विषय को लेकर वार्ड क्रमांक 08 की पार्षद श्रीमती अनुराधा दीपक दीक्षित ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक लिखित शिकायती पत्र प्रस्तुत किया है। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी सिवनी मालवा को सौंपा गया, जिसमें नगर की बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था और जल निकासी की विफलताओं की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है।पार्षद द्वारा दिए गए आवेदन में नगर के पांच प्रमुख क्षेत्रों — शहीद पटेल कॉलोनी (वार्ड 09), दुर्गा कॉलोनी (वार्ड 03), शिक्षक कॉलोनी (वार्ड 08), द्वारकाधाम कॉलोनी तथा सांई कैंपस — का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। पत्र में बताया गया है कि इन इलाकों में लंबे समय से नालियों का अभाव और उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी सड़कों और रहवासी क्षेत्रों में जमा रहता है।श्रीमती दीक्षित ने पत्र में कहा है कि सीवरेज और घरेलू उपयोग का दूषित पानी वर्षों से जमीन में रिसने के कारण भूजल भी प्रदूषित हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग तथा अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो सिवनी मालवा में भी इंदौर जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जहां दूषित पानी और बदबू के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ था।स्थानीय नागरिकों के अनुसार जलभराव के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और जहरीले कीट-पतंगों के पनपने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई परिवारों ने अपने ही घरों के बोरवेल का पानी पीना बंद कर दिया है, जिससे पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करना लोगों के लिए एक नई चुनौती बन गया है।पार्षद ने ज्ञापन की प्रतियां जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भी भेजी हैं। उन्होंने मांग की है कि संबंधित क्षेत्रों में तत्काल नाली निर्माण, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था तथा दूषित जल की नियमित जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।नगरवासियों को अब उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई इस गंभीर समस्या पर प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाएगा, ताकि सिवनी मालवा को किसी बड़े स्वास्थ्य संकट से बचाया जा सके।

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