प्रतीक पाठक नर्मदापुरम –
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 1 लाख 24 हजार 701 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे डे (TOD) छूट का लाभ प्रदान करते हुए जुलाई 2025 में में कुल 01 करोड़ 08 लाख 59 हजार 082 रूपये की रियायत प्रदान की गई है जिसमें नर्मदापुरम वृत्त के 18 हजार 091 उपभोक्ताओं को 14 लाख 17 हजार 160 रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे (TOD) छूट के तहत 50 रूपये से लेकर 12 हजार 160 रूपये तक की छूट प्रदान की गई है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह जुलाई 2025 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। कंपनी ने बताया है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें घरेलु, गेर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्नदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को ही दी जा रही है।
प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने आमजन एवं उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्यप्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल एप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।